Tuesday, March 8, 2016

2016 का पहला सूर्य ग्रहण आज, वर्षों बाद बना है ऐसा योग

नई दिल्ली। आज वर्ष 2016 का पहला आंशिक खग्रास सूर्यग्रहण है। फाल्गुनी अमावस्या बुको यह पश्चिमोलार भाग को छोड़कर भारत मे आंशिक रूप से सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। भारत के अतिरिक्त यह ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, थाईलैड, ताइवान, जापान, चीन व म्यांमार आदि देशो मे दिखाई देगा। इसकी खग्रास अकीर्ति केवल इंडोनेशिया एवं प्रशांत और हिन्द महासागर मे दिखाई देगी।

यह ग्रहण पू. भा. साध्य योग एवं कुम्भस्थ चन्द्र के समय घटित हो रहा है। अत: जन्म या नाम नक्षत्र पू. भा. एवं कुम्भ नाम राशि वाले व्यक्तियो के लिए विशेष कष्टदायक है। अन्य राशियो मेष के लिए लाभ, वृष के लिए सुख, मिथुन के लिए अपमान, कर्क के लिए कष्ट, सह के लिए दाम्पत्य कष्ट, कन्या के लिए सुख, तुला के लिए चिंता, वृश्चिक के लिए कष्ट, धनु के लिए धन लाभ, मकर के लिए हानि, कुम्भ के लिए कष्टप्रद व मीन के लिए हानि लेकर आएगा।

जिन राशियो के लिए यह ग्रहण चिंता, कष्ट व हानि लेकर आ रहा है उन व्यक्तियो को ग्रहण के मोक्ष के बाद कपड़ो सहित स्नान करके कपड़ो का दान एवं अन्न दान करना चाहिए। सूतक लग जाने के बाद मन्दिर में प्रवेश करना ,मूर्ति स्पर्श करना ,भोजन करना ,यात्रा इत्यादि वर्जित है। अष्टग्रही योग के साथ लगने वाला यह सूर्यग्रहण लगभग कई दशक बाद लग रहा है। 5 बजकर 42 मिनट लेकर 6 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। जिन जातकों की राशि में ग्रहण के कारण कष्ट है, उन्हें तीर्थ जल से स्नान, जप, दान, शिवार्चन, पितरों के लिए श्राद्ध करने से कष्ट दूर होंगे।

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