Tuesday, March 1, 2016

HAPPY BIRTHDAY TO MARYCOM. मैरीकॉम के 33 वें बर्थडे पर जाने उनसे जुड़ी कुछ बातें...

मणिपुर प्रदेश के छोटे से गांव से आने वाली स्टार बॉक्सर ने न केवल भारतीय बॉक्सिंग में अमिट छाप छोड़ी, बल्कि अपने सपनों को साकार भी किया है। जी हां हम बात कर रहे है भारत की नंबर-1 महिला बॉक्सर एम सी मैरी कॉम की। जो आज अपना 33 वां जन्मदिन मना रही है। क्या आप जानते हैं चेहरे से स्ट्रॉन्ग दिखने वाली मैरी कॉम की लव स्टोरी कैसे शुरू हुई थी? कई लोगों की जिंदगी में प्यार संयोग से आता है, कुछ की जिंदगी में किस्मत से, लेकिन मैरी कॉम अपने जीवन में प्यार को एक दुर्घटना मानती हैं।
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बात उन दिनों की हैं जब मैरी कॉम कड़ी ट्रेनिंग कर इंटरनेशनल लेवल तक पहुंचने की प्रयासों में जुटी थीं। उनके करियर का पहला इंटरनेशनल टूर्नामेंट से कुछ ही माह दूर था कि तभी उनके साथ एक दुर्घटना हो गई। तंगहाल जिंदगी बसर करने वाली मैरी कॉम के लिए एक-एक रुपया कीमती था। उनका पर्स एक ट्रेन यात्रा में चोरी हो चुका था, इसलिए उन्होंने अपने अगले सफर में सामान को लोहे की चेन से बांधने का फैसला किया। मैरी कॉम मणिपुर से पंजाब एक नेशनल कैंप के लिए जा रहीं थीं। उन्होंने अपने सूटकेस को अपनी कलाई से चेन के जरिए कसकर बांधा था। उस सूटकेस में उनके पैसे, पासपोर्ट और कुछ जरूरी कागजात थे। तमाम उपाय करने के बावजूद ट्रेन में उनका सूटकेस चोरी हो गया। हाथ में बची तो बस वह चेन। उस वाकए को याद करते हुए मैरी कॉम ने एक साक्षात्कार में कहा था कि मेरी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। पहला इंटरनेशनल टूर्नामेंट कुछ ही दिन दूर था। पासपोर्ट चोरी होने के बाद मैं घबरा गई थी। और पढ़े... मैरीकोम, सरिता और पूजा करेंगी सैग खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व वैसे मैंने हर परिस्थिति का डटकर सामना किया है, लेकिन उस समय मैं खुद को खत्म करने के बारे में सोचने लगी थी। मैरी कॉम काफी परेशान थीं। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आगामी टूर्नामेंट के लिए वे कैसे खुद को तैयार करेंगी। उनका पासपोर्ट और पैसे चोरी हो चुके थे। ऐसे मुश्किल समय में मैरी कॉम की मदद को आगे आए ऑनलर करॉन्ग। करॉन्ग उन दिनों नॉर्थ-ईस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष थे। उन्होंने अपनी कोशिशों से मैरी का खोया हुआ पासपोर्ट ढूंढा और वहीं से दोनों के प्यार की शुरुआत हुई। ऑनलर मैरी कॉम से पहली बार दिल्ली के नेहरू स्टेडियम में मिले थे। और पढ़े...
मैरीकॉम रियो टेस्ट इवेंट में एकमात्र भारतीय महिला उन्होंने शुरुआत से ही मैरी का साथ दिया। वे मैरी कॉम की पैसों से लेकर घर के खाने की हर जरूरत का ख्याल रखते थे। 4 वर्ष की दोस्ती के बाद दोनों ने 2005 में शादी की।

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